संपूर्ण श्रीमद् भागवत गीता | Bhagwat Geeta PDF in Hindi

Bhagwat Geeta PDF in Hindi:- दोस्तों यदि आप भागवत गीता पढ़ना चाहते हैं और उसके लिए आप Bhagwat Geeta In Hindi PDF Download करना चाहते हैं। तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको संपूर्ण श्रीमद्भगवद्गीता PDF देंगे जिन्हें आप अपने मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप में बहुत ही आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं और उसे पढ़ सकते हैं 

Bhagwat Geeta In Hindi PDF Download Link Free :- श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है। गीता शब्द का अर्थ है गीत और शब्द। भगवद का अर्थ है भगवान, अक्सर भगवद-गीता को भगवान का गीत कहा जाता है। भगवद गीता धर्म, आस्तिक भक्ति और मोक्ष के योगिक आदर्शों के बारे में हिंदू विचारों का संश्लेषण प्रस्तुत करती है।

भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में महाभारत के युद्ध में अर्जुन को गीता का संदेश सुनाया था। महाभारत भीष्म पर्व के अंतर्गत दिया गया एक उपनिषद है। श्रीमद्भागवत गीता में भक्ति योग, कर्म योग, एकेश्वरवाद, ज्ञान योग का अति सुंदर वर्णन किया गया है।  

जिसमें सांख्य-योग दर्शन के विचारों को शामिल किया गया है। इस पोस्ट में हमने आपके लिए (Shrimad Bhagwat Geeta Hindi PDF) भगवत गीता हिंदी पीडीएफ डाउनलोड लिंक भी दिया है।

महाभारत को श्रीमद्भागवत गीता का पृष्ठभूमि माना जाता है। जिस प्रकार एक जन सामान्य मानव अपने जीवन की समस्याओं में उलझ कर कर्तव्य विमुख हो जाता है और अपने जीवन की समस्याओं से लड़ने की बजाए उससे भागने लगता हैं।

उसी प्रकार महाभारत के महानायक अर्जुन, अपने सामने आने वाली समस्याओं से भयभीत होकर जीवन और क्षत्रिय धर्म से निराश हो गए थे। अर्जुन की तरह हम भी कभी-कभी अपने जीवन की समस्याओं से भयभीत होकर विचलित हो जाते हैं और समस्याओं से लड़ने की बजाय उनसे बचने की कोशिश करने लगते हैं। इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने जनसामान्य के हित के लिए महा ज्ञान को श्रीमद् भागवतगीता के रूप में प्रस्तुत किया है। 

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श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का सर्वोत्तम पवित्र ग्रंथ है। गीता के अध्ययन से पूर्व हमें जान लेते हैं कि इसके बारे में हमारे महापुरुषों के क्या विचार हैं और वह भागवत गीता के बारे में क्या सोचते हैं।

Bhagwat Geeta In Hindi Pdf

भगवद गीता एक प्राचीन भारतीय दार्शनिक ग्रंथ है जिसमें 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। भगवत गीता के 18 अध्याय इस प्रकार हैं:

अध्यायशीर्षकश्लोक
1अर्जुनविषादयोग47
2सांख्ययोग72
3कर्मयोग43
4ज्ञानकर्मसंन्यासयोग42
5कर्मसंन्यासयोग29
6आत्मसंयमयोग47
7ज्ञानविज्ञानयोग30
8अक्षरब्रह्मयोग28
9राजविद्याराजगुह्ययोग34
10विभूतियोग42
11विश्वरूपदर्शनयोग55
12भक्तियोग20
13क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग34
14गुणत्रयविभागयोग27
15पुरुषोत्तमयोग20
16दैवासुरसम्पद्विभागयोग24
17श्रद्धात्रयविभागयोग28
18मोक्षसंन्यासयोग78
कुल: 700

महाभारत के युद्ध के समय जब अर्जुन युद्ध करने से मना करते हैं तब श्री कृष्ण उन्हें उपदेश देते है और कर्म व धर्म के सच्चे ज्ञान से अवगत कराते हैं । यह महाभारत के भीष्मपर्व के अन्तर्गत दिया गया एक उपनिषद् है।

भगवद गीता  को ईश्वर गीता, अनंत गीता, हरि गीता, व्यास गीता, या केवल गीता के रूप में भी जाना जाता है।

भगवद गीता का अर्थ

भगवद गीता के शीर्षक में गीता का अर्थ है “गीत।” धार्मिक नेता और विद्वान भगवद शब्द की कई तरह से व्याख्या करते हैं। तदनुसार, आस्तिक विद्यालयों द्वारा शीर्षक की व्याख्या “ईश्वर के वचन”, “भगवान के शब्द”, “दिव्य गीत”, और “आकाशीय गीत” के रूप में की गई है।

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भागवत गीता एक 700-श्लोक वाला हिंदू ग्रंथ है, जो एक कथा प्रारूप में हिंदू धर्म और योग की कई प्रमुख दार्शनिक अवधारणाओं का संश्लेषण प्रदान करता है।

कहानी कुरुक्षेत्र की लड़ाई में होती है, जो अर्जुन के परिवार और सहयोगियों (पांडवों) और राजकुमार दुर्योधन और उनके परिवार (कौरवों) के बीच लड़ी गई थी।

भगवान कृष्ण युद्ध के लिए अर्जुन के सारथी के रूप में कार्य करते हैं, जिसमें दोनों पक्षों के आपसी मित्र और परिवार के सदस्य लड़ते हैं। यह महसूस करने पर, अर्जुन ने भाग लेने से इनकार कर दिया और भगवान कृष्ण को अपना धर्म पूरा करने के लिए राजी करना पड़ा।

भगवद गीता में वर्णित युद्ध को मानव जीवन के लिए एक रूपक के रूप में माना जा सकता है, जो इसे पढ़ने वालों को ईश्वर, सत्य, उद्देश्य और मुक्ति की अधिक समझ तक पहुंचने में मदद करता है।

भागवत गीता के अधिक असामान्य पहलुओं में से एक इसकी युद्धक्षेत्र है, जिसे कई विद्वानों ने आध्यात्मिक पाठ के साथ असंगत बताया है। अधिकांश टिप्पणीकार युद्ध के मैदान को “अंदर के युद्ध” के रूपक के रूप में मानते हैं, अहंकार और अज्ञानता के चेहरे पर आत्म-निपुणता के लिए आंतरिक संघर्षों की ओर इशारा करते हुए।

श्रीमद्भागवत गीता पढ़ने से क्या होता है?

  • श्रीमद्भागवत गीता, हमें जीवन कैसा सफलतापूर्वक एवं शांति पूर्वक जीना है यह सिखाती है।
  • श्रीमद्भागवत गीता हमें सिखाती है कि चाहे जीवन में कितनी भी बड़ी मुश्किलें या समस्याएं आजाए उन्हें डटकर कैसे सामना करना है और उन समस्याओं से कैसे बाहर निकलना है।
  • श्रीमद्भागवत गीता मैं बताए गए अनमोल वचन के अनुसार हमें यह बताया जाता है कि हमे फल की आशा न करते हुए जीवन में कैसा सफल होना है।

Bhagwat Geeta PDF in Hindi: FAQs

प्रश्न: गीता की 18 बातें कौन सी है?

उत्तर: गीता के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण यह उपदेश देते हैं कि जो मनुष्य यह अट्ठारह बातों को अपने जीवन में उतारता है वह दुखों, क्रोध, ईर्ष्या, लोभ, मोह, माया, लालच, चिंता, भय इत्यादि जैसे बंधनों से मुक्ति पा सकता है।

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प्रश्न: भगवत गीता के रचयिता कौन है?

उत्तर: भगवत गीता का रचयिता वेद व्यास जी है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि भगवद गीता को सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण ने  अर्जुन को सुनाया था।

प्रश्न: क्या हम भगवद गीता को घर में रख सकते हैं?

उत्तर: दोस्तों यदि आप भगवत गीता को अपने घर लाना चाहते हैं तो मै आपको बात दु की पवित्र ग्रंथ रामायण, श्रीमद् भागवतम, भगवद गीता, ग्रंथ को आपको अपने घर पर अवश्य रखना चाहिए।

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