Napoleon Bonaparte Ka Jivan Charitra PDF

Napoleon Bonaparte Ka Jivan Charitra PDF: नमस्कार दोस्तों कई सरे लोग पोलियन बोनापार्ट के विषय में जानते ही नही होगे लेकिन अगर आप पढाई कर रहे है तो आपने कभी न कभी पोलियन बोनापार्ट के विषय में जरुर सुं होगा होगा तो अगर आप नेपोलियन बोनापार्ट के जीवन काल से जुड़े महत्वपूर्ण रहस्य जानने के उत्सुक है तो आप बिल्कुल सही लेख पढ़ रहे है। 

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Napoleon Bonaparte Ka Jivan Charitra

नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म 15 अगस्त 1769 को अजासियो, कोर्सिका में मामूली कुलीनता से पैदा हुए , नेपोलियन ने फ्रांसीसी क्रांति के दौरान प्रसिद्धि हासिल की और 1804 में खुद को सम्राट घोषित कर दिया। उनकी विरासत अभी भी फ्रांस में दिखाई देती है। 

पेरिस में इकोले मिलिटेयर से स्नातक करने वाला यह सैन्य प्रतिभा 26 साल की छोटी उम्र में एक जनरल बन गया।

नेपोलियन को 1802 में जीवन के लिए फ्रांस का पहला कौंसल चुना गया था। दिसंबर 1804 में उसने नोट्रे-डेम कैथेड्रल में खुद को फ्रांसीसी सम्राट का ताज पहनाया।

अपने शासन के 10 वर्षों के दौरान, उसने स्पेन, जर्मनी, पोलैंड, ऑस्ट्रिया और इटली पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की।

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नेपोलियन को फ्रांसीसी क्रांति के सिद्धांतों को कानून में अनुवादित करने के लिए जाना जाता है, जिससे फ्रांस को एक नया नागरिक कोड: कोड नेपोलियन मिला । उनका काम अभी भी न केवल फ्रांस में बल्कि अन्य देशों में भी लागू है। उन्होंने 1801 में पोप के साथ एक समझौता ( कॉनकॉर्डैट ) करते हुए सार्वजनिक पूजा और धार्मिक सहिष्णुता को फिर से स्थापित किया ।

लेकिन सम्राट की सबसे बड़ी गलती 1812 में रूस पर आक्रमण था। रूस की बड़ी दूरी और भीषण ठंड ने उनकी अधिकांश सेना को खो दिया।

1814 में लीपज़िग में नेपोलियन की हार हुई थी। राजगद्दी छोड़ने के लिए मजबूर होकर, नेपोलियन को राज्य के लिए इटली के तट से दूर एल्बा के छोटे से भूमध्यसागरीय द्वीप में निर्वासित कर दिया गया था

5 मई 1821 को  सेंट हेलेना में नेपोलियन बोनापार्ट की मृत्यु हो गई।

नेपोलियन ने अपनी वसीयत में पेरिस में सीन के तट पर ” फ्रांसीसी लोगों [जिन्हें मैं] बहुत प्यार करता था ” के बीच में दफन करने के लिए कहा था। हालाँकि, ब्रिटिश गवर्नर ने जोर देकर कहा कि उन्हें विलो की घाटी नामक स्थान पर द्वीप पर दफनाया जाना चाहिए।

नेपोलियन के मकबरे को एकांत स्थान पर रखा गया था और मिट्टी के स्तर पर रखे गए तीन नंगे स्लैबों से ढका हुआ था। ये स्लैब आज भी लेस इनवैलिड्स के बगीचे में देखे जा सकते हैं ।

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नेपोलियन की इस कहानी से सीखें कभी ना हार मानने की कला

एक बार की बात है एक सफ़र के दौरान उसकी सेना में अचानक हलचल की स्थिति पैदा हो गई। फिर भी उसने अपनी सेना को चढ़ाई का आदेश दिया। पास मे ही एक बुजुर्ग औरत खड़ी थी। उसने जैसे ही यह सुना वो उसके पास आकर बोले की क्यों मरना चाहते हो।

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नेपोलियन अक्सर जोखिम भरे काम किया करते थे. एक बार उन्होने आलपास पर्वत को पार करने का ऐलान किया और अपनी सेना के साथ चल पड़े। सामने एक विशाल और गगनचुम्बी पहाड़ खड़ा था जिसपर चढ़ाई करना असंभव था। उसकी सेना में अचानक हलचल की स्थिति पैदा हो गई। फिर भी उसने अपनी सेना को चढ़ाई का आदेश दिया। पास मे ही एक बुजुर्ग औरत खड़ी थी। उसने जैसे ही यह सुना वो उसके पास आकर बोले की क्यों मरना चाहते हो।
यहां जितने भी लोग आए हैं वो मुंह की खाकर यहीं रहे गए। अगर अपनी जिंदगी से प्यार है तो वापस चले जाओ।
उस औरत की यह बात सुनकर नेपोलियन नाराज होने की बजाए प्रेरित हो गए और झट से हीरों का हार उतारकर उस बुजुर्ग महिला को पहना दिया और फिर बोले,’आपने मेरा उत्साह दोगुना कर दिया और मुझे प्रेरित किया है। लेकिन अगर मै जिंदा बचा तो आप मेरी जय-जयकार करना।

उस औरत ने नेपोलियन की बात सुनकर कहा, ‘तुम पहले इंसान हो जो मेरी बात सुनकर हताश और निराश नहीं हुए। जो मुसीबतों का सामना करने का इरादा रखते है, वह लोग कभी नहीं हारते।

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