100% Original Nilavanti Granth PDF in Hindi

दोस्तों यहाँ हमने आपके लिए Original Nilavanti Granth PDF in Hindi / निलावन्ती ग्रन्थ पीडीएफ हिंदी में उपलब्ध कराया है। यहाँ से आप बड़ी आसानी से निलावन्ती ग्रन्थ पीडीएफ हिंदी में प्राप्त कर सकते हैं।

निळावंती ग्रंथ एक अनसुलझा रहस्य है जिसको मनुष्य को अब तक उसको सुलझा नहीं पाए। कहा जाता है की निळावंती ग्रंथ का उपयोग पशु पक्षी भाषा को समझने का ज्ञान मिलता है। यदि निळावंती ग्रंथ में दिया गया मंत्र सिद्ध हो जाए तो आपके लिए कुछ भी असंभव नहीं है लेकिन इस ज्ञान को प्राप्त करना और समझना बहुत कठिन कार्य है।

कहते है निळावंती ग्रंथ दुनिया की इकलौती किताब जिसे पढ़ने से मनुष्य कल का ज्ञाता बन जाता था।

यह इकलौती किताब है कि इसमें दिए गए मंत्र को सिद्ध करके आप दुनिया पर भी राज कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि अगर आप ऐसा करने से सफल नहीं होते हैं तो आप पागल हो सकते हो या आप मर सकते हो या आप तंत्र-मंत्र के रास्ते पर जा सकते हैं ।

Nilavanti Granth PDF Table Content

🔖 किताब का नामनिलावन्ती ग्रन्थ (Nilavanti Granth)
✍️ केटेगरीReligion & Spirituality
🗣️ भाषाहिंदी
📖 पृष्ठ संख्या16
📥 फाइल साइज़804 KB

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Nilavanti Granth PDF एक श्रापित ग्रंथ की पूरी कहानी

वह एक ऐसा ग्रंथ था जिसे पढ़ने से मनुष्य काल का ज्ञाता बन जाता था। ना जाने कितने ही लोग उसे खोजते हुए मृत्युपंथ को लग गये जो लोग काल का ग्रास बन गये उन सब में एक समानता थी की वे उस ग्रंथ का हेतु अथवा उपयोग ही जानते थे। असल मे किसीको भी उस ग्रंथ का ठिकाना मालुम नही था। सभी ने अपने अपने तरीके से उसे खोजने मे अपनी जिंदगी लगा दी थी पर कामयाब एक भी न हुआ था।

Nilavanti Granth in Hindi

काल पर नियंत्रण रखने की चाह उतनी ही पुरानी है जितनी मनुष्य को काल की समझ है। जब मनुष्य ने काल के रहस्य को जान लिया है तब से वह उसपर नियंत्रण रखने की उसके साथ आगे-पीछे सफर करने की ख्वाईश पाले हुए है। वास्तव में काल जिसको समय कहा जाता है बहुत पेचीदा चीज है। उसके साथ थोडी सी छेडछाड इतिहास बदल देती है।

लेकीन यह सच है की अगर आप वह कर पाये तो आप वह कर ही नहीं पायेंगे क्योंकी आप समय में पीछे गये और आपने कुछ घटनायें बदल दी तो आगे का पुरा इतिहास बदल जायेगा और इतिहास के साथ आप भी, मतलब आप इतिहास बदलने के लिये गये यह परिस्थिती ही उत्पन्न नही होगी इसका सीधा अर्थ यह है की आपने समय बदला ही नही मतलब इतिहास वैसा का वैसा ही है।

Nilavanti Granth Book PDF

इसि जगह उस ग्रंथ का काम शुरू होता है लोग खुद समय बदलने की सोचते है लेकीन यह ग्रंथ पढनेवाले को यह ताकत देता है की वह चाहे जिसके माध्यम से समय को बदलवा सकते है। उसे वह शक्ती प्राप्त होती है जिससे वह दुसरे का इतिहास बदल सके। लेकीन यह सब सुनी सुनाई बाते है आज तक किसीने अपनी आँखो से उस ग्रंथ को नही देखा सिर्फ उसका नाम और उसके कारनामे सुने है उस ग्रंथ का नाम है “नीळावंती”

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महाराष्ट्र के किसी भी गाव मे जाकर आप किसी बुढे को पुछेंगे तो वह अवश्य आपको नीळावंती के बारे मे बतायेगा और साथ मे यह चेतावनी भी की उसके पढ़ने से पढनेवाले का वंश नष्ट हो जायेगा। सबसे महत्वपुर्ण बात यह ग्रंथ पढने से पढने वाले को पशु पक्षीयों की भाषा समझने लगती है। तांत्रिको मे यह हमेशा से माना जाता रहा है की पशु-पक्षीयों का समय मनुष्यों के समय से अलग तरह से चलता है।

Nilavanti Granth PDF

मनुष्यो के लिये जो काल एक दिन का होता है वही चींटीयों के लिये कई सालों का हो सकता है। और दुसरी मान्यता यह है की समय को समय जितना ही सुक्ष्म होकर परिवर्तित किया जा सकता है। यह सब तब की बाते है जब यह ग्रंथ मिल जाये और उसे पढ़ने की कला अवगत हो क्योंकी वह ग्रंथ मिल भी जाये तो वह किसी मानवीय लिपी मे नही है पैशाच लिपी में लिखा हुआ हैं। पैशाच लिपि को जानने वाला कोई भी मनुष्य इस सृष्टि मे नही है।

कहा ये भी जाता रहा है की हिमालय की गुफा- कंधराओं मे बैठे साधु-मुनियों में से कईयों को वह रहस्यमयी लिपी आती है लेकीन वह कहाँ है यह भी कोई नही जानता तो पुरी बात यह है की वह ग्रंथ कैसा है यह भी कोई नही जानता, ना वह कहाँ है यह, ना उसके पढ़ने का तरीका ही लेकीन उस ग्रंथ से क्या किया जा सकता है यह जानने से ही कोई भी उसे खोजने के लिये प्रवृत्त हो जाता है, कोई भी का मतलब जिसे किसी अलौकिक कार्य मे अति रूचि हो।

ग्रंथ को खोजने का पहला चरण यह था की ग्रंथ की खोज कहाँ से शुरु करे जिन्होने उस ग्रंथ के बारे मे सुना है उन्होने भी उन से सुना है जिन्होंने उस ग्रंथ के बारे मे सिर्फ सुना है देखा नही है। और ऐसे ही यह श्रृंखला पता नही कहाँ तक जा सकती है।

Nilavanti Granth Original PDF

“नळावंती” के बारे में और एक बात प्रसिद्ध थी की उसे जाननेवाला एक मनुष्य आज भी जिवित है उसे लोग बाजिंद कहते है और वह महाबळेश्वर के जंगलो में रहता है। कहते है उसकी आयु १००० वर्ष से भी ज्यादा है। अब सबसे आसान तरीका तो यह है की पहले बाजिंद को खोजा जाये जो उसे जाननेवाला है और उसके पास से जो जानकारी मिले। उसके आधार पर “ती” की खोज करे और एक बात आप को बता दू जो लोग “नीळावंती’ के पीछे थे वह चाहे जिस भी काल मे हुये हो या फिर किसी भी जगह से हो उन मे एक और समानता थी वे सभी महाबळेश्वर के जंगलो मे जाते देखे गये थे।

उनमे से केवल दो लोग ही जाने के बाद फिर से देखे गये थे वह भी मृत अवस्था मे बाकियों का जिनकी संख्या सैकडो मे हो सकती है क्या हुआ किसी को नही पता क्योंकी उनका ना शरिर मिला था ना कोई अवशेष। अब इतनी जानकारी मिलने के बाद क्या आप अब भी चाहते है की आप भी उस ग्रंथ की खोज करने जाये तो मैं आप को उस आखरी इंसान के बारे मे बताता हूँ जो नीळावंती की खोज मे गया था।

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Nilavanti Granth PDF in English

शायद आपको कोई काम की बात मिल जाये जो आपको नीळावंती खोजने मे काम आ जाये। दोस्तो यह बहुत समय पहले की बात है। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव मे एक आदमी था उसकी एक पत्नी और एक छोटी सी बच्ची थी। जब वह बच्ची पाँच वर्ष की हुई तो उसकी माँ की मृत्यु हो गई। इस बच्ची का नाम निलावंती था।

निलावंती की माँ की मृत्यु के पश्चात निलावंती के पिता ने उस गाँव को छोड दिया और निलावंती को लेकर दूसरे गाँव मे चले गये। दोस्तो निलावंती के पिता जी को आर्युवेद का अच्छा खासा ज्ञान था। निलावंती भी अपने पिता से आर्युवेद का ज्ञान लेती थी।

निलावंती के अंदर एक खासियत थी कि वह पेड पौधो, जानवरों, पशु पक्षियों सब की भाषा समझती थी। यही नही निलावंती के स्वप्न मे शैतान भी आते थे और निलावंती को जमीन के नीचे गडे हुये धन दौलत के बारे मे जानकारी देते थे लेकिन निलावंती के अंदर उसके पिता जी के अच्छे संस्कार थे इसीलिये वह सबकुछ जानते हुये भी धन दौलत जमीन के नीचे से खोदकर नही निकालती थी। निलावंती को पेड पौधे और शैतान जो भी मंत्र बताते थे वह पीपल के पत्ते से बनी किताब पर लिख लेती थी।

Nilavanti Granth PDF

जब निलावंती 20 से 22 वर्ष की हो गई तब जो भूतप्रेत निलावंती के स्वप्न मे आते थे वो हकीकत मे सामने आने लगे। कुछ समय बाद निलावंती को पता चलता है कि कि वो एक श्रापित यक्षिणी है जो कि एक श्राप की वजह से इस दुनिया से बाहर नही निकल पा रही है उसे अपनी दुनिया मे जाना था। यह सब बात वह अपने पिताजी को बताती है। तब उसके पिता जी उससे कहते है कि बेटी यदि तू इस दुनिया की नही है और किसी श्राप के कारण तू इस दुनिया मे फसी हुई है तो मै तुझे नही रोकूंगा अतः तू स्वेच्छा से यहाँ से जा सकती है।

फिर निलावंती उस गाँव को छोडकर जाने लगी कि रास्ते मे उसे एक व्यापारी मिलता है अतः निलावंती उस व्यापारी से दूसरे गाँव मे जाने के लिये कहती है क्योंकि निलावंती को एक अच्छी आत्मा ने बताया था कि यहाँ से 35 मील की दूरी पर तुम्हें एक गाँव मिलेगा और उस गाँव मे तुम्हें एक बरगद का पेड मिलेगा। वही से तुम्हे अपनी दुनिया मे जाने का रास्ता मिलेगा इसके अलावा तुम्हे अपने रक्त के साथ-साथ पशु पक्षियों की भी बली देनी होगी।

Neelwanti Book Hindi PDF

इसी को ध्यान मे रखते हुये वह निलावंती उस व्यापारी से उस गाँव मे चलने के लिये कहती है। वह व्यापारी निलावंती को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाता है और कहता है कि मै तुम्हें उस गाँव मे छोड दूँगा लेकिन बदले मे तुम्हे मुझसे शादी करनी पडेगी। निलावंती ने व्यापारी के सामने मुसकराते हुये कहा कि ठीक है मुझे मंजूर है लेकिन मेरी एक शर्त है कि रात के समय मै तुम्हारे साथ नही रहूँगी मै कहा जाती हूँ क्या करती हूँ इसके बारे मे तुम मुझसे कुछ नही पूछोगे। व्यापारी ने कहा कि ठीक है मुझे मंजूर है।

उसके बाद वह व्यापारी निलावंती को अपने बैलगाड़ी मे बिठाकर उस गाँव मे ले गया। फिर शर्त के अनुसार निलावंती ने उस व्यपारी से विवाह कर लिया। रात के समय निलावंती प्रतिदिन बरगद के पेड के नीचे तंत्रमंत्र करने के लिये चली जाती थी वहाँ पर वो अपना रक्त और पशु पक्षियों की बली भी चढाती थी।

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एक दिन रात के समय जब निलावंती तंत्रमंत्र उस बरगद के पेड के नीचे कर रही थी उसी समय उस गाँव के कुछ लोग निलावंती को पशु पक्षियों की बली देते हुये देख लेते है और उस व्यापारी को जाकर सारी घटना की जानकारी देते है। जब अगली रात को निलावंती अपने समय के अनुसार रात मे तंत्रसाधना के लिये निकलती है तो उसके पीछे-पीछे वह व्यापारी भी चला जाता है और निलावंती को तंत्रसाधना करते हुये देख लेता है।

अगले दिन निलावंती के स्वप्न मे शैतान आता है और उससे बताता है कि निलावंती कल जब तुम तंत्रसाधना के लिये बरगद के पेड के नीचे जाओगी उसी समय बरगद के पेड के बगल से जो नदी बहती है उस नदी मे तुम्हें एक लाश बहती हुई दिखाई देगी उस लाश के गले मे एक ताबीज होगा तुम्हें उसे खोल लेना है गले से ताबीज को निकालने के बाद उसी नदी मे तुम्हे एक नाव पर सवार आदमी मिलेगा तुम्हें इस ताबीज को उस आदमी को दे देना है वह तुम्हें दूसरी दुनिया के दरवाजे तक पहुचाने मे तुम्हारी मदद करेगा। उस शैतान ने निलावंती से यह भी कहा कि तुम्हे अपनी दुनिया मे वापस लौटने का सिर्फ यही एक ही चांस मिलेगा दोबारा चांस तुम्हें नही मिलेगा।

अगले दिन निलावंती बहुत खुश हुई और रात के समय बरगद के पेड के नीचे चली गई। वह तंत्र साधना करके अपनी रक्त की तथा पशु पक्षी की बली दे ही रही थी कि उसे नदी के किनारे एक लाश बहती हुई दिखाई देती है। निलावंती उस लाश के पास जाती है और उसके गले मे बधे हुये ताबीज को निकालने की कोशिश करती है।

उसी समय वहाँ पर वह व्यापारी भी आ गया जो अपने असली शैतानी रूप मे आ गया था। वह ताबीज की पहली गाँठ खोल पाई थी दूसरा खोलने ही वाली थी कि गाँव वाले वहाँ आ गये और निलावंती को नरभक्षी समझकर कहने लगे कि ये दोनो शैतान है ये दोनो तो सभी गाँव वालो को मार डालेंगे अतः इन दोनो को मार डालो। सभी गाँव वालो ने अपने-अपने हथियार लेकर दोनो को दौडा लिया निलावंती तो बच गई लेकिन गाँव वालो ने उस राक्षस को मार गिराया।

राक्षस होने की वजह से वह दोबारा जीवित हो उडा और निलावंती के पास आकर बोला कि तुम मुझे ये किताब दे दो जिसमे तुमने मंत्रो को लिखा है और मुझे कुछ नही चाहिये। तब निलावंती ने सोचा कि यदि यह किताब इस शैतान को मिल गया तो यह दुनिया के लिये अनर्थ साबित हो सकता है अतः निलावंती ने उस किताब को श्रापित करते हुये कहा कि जिसने लालच मे आकर इस किताब को पूरा पढ लिया उसकी तुरंत मृत्यु हो जायेगी और जिसने इस किताब को आधा पढकर बीच मे ही छोड दिया वह पागल हो जायेगा।

यह कहकर निलावंती उस किताब को लेकर भाग गई। उसके बाद निलावंती का आज तक पता नही चला कि वह कहा गई। कुछ समय पश्चात वह किताब एक साधू को मिलती है उस साधू के मन मे किसी भी तरह का कोई लालच नही था। चूंकि वह किताब दूसरे भाषा मे लिखी गई थी अतः उस साधू ने उसे सरलतम रूप मे अनुवाद करके लिखा ताकि सबको समझ मे आ जाये।

प्रश्न: निलावंती ग्रंथ कहां मिलेगा?

उत्तर: इस लेख में हमने आपको Original Nilavanti Granth PDF को डाउनलोड करना कि सुविधा दी है जिससे आप इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

प्रश्न: निलावंती ग्रंथ के मंत्र क्या हैं?

उत्तर: निलावंती ग्रंथ के मन्त्रों को जानने के लिए आपको इस किताब को पढना पड़ेगा तभी आप इसके मन्त्रों को जान सकते हैं।

प्रश्न: निलावंती ग्रंथ क्या है?

उत्तर: निळावंती ग्रंथ एक अनसुलझा रहस्य है जिसको मनुष्य को अब तक उसको सुलझा नहीं पाए। कहते है निळावंती ग्रंथ दुनिया की इकलौती किताब जिसे पढ़ने से मनुष्य कल का ज्ञाता बन जाता था।

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